श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  7.173.58 
जहि कर्णं महेष्वासं निशीथे मायया रणे।
पार्था द्रोणं वधिष्यन्ति धृष्टद्युम्नपुरोगमा:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
तुम अपनी माया से आधी रात को युद्धभूमि में महाधनुर्धर कर्ण को मार डालोगे और धृष्टद्युम्न आदि पाण्डव सैनिक द्रोणाचार्य का वध कर देंगे।
 
You shall kill the great archer Karna on the battlefield at midnight by your magic and the Pandava soldiers like Dhrishtadyumna will kill Dronacharya.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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