Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.173.52: हे पराक्रमी! अतः तुम्हें अपने पिता, चाचा, तेज, शस्त्रबल तथा अपनी कीर्ति के अनुसार युद्ध में वीरता दिखानी चाहिए। | mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वं कुरु महाबाहो कर्म युक्तमिहात्मन:।
मातुलानां पितॄणां च तेजसोऽस्त्रबलस्य च॥ ५२॥
अनुवाद
हे पराक्रमी! अतः तुम्हें अपने पिता, चाचा, तेज, शस्त्रबल तथा अपनी कीर्ति के अनुसार युद्ध में वीरता दिखानी चाहिए।
O mighty one! Therefore, you should display bravery in battle in accordance with the merits of your father, uncle, brilliance, strength of weapons and your reputation.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥