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mahabharat 7.173.51: हे वीर! इस रणभूमि में आपके अतिरिक्त कोई दूसरा योद्धा नहीं है जो इस प्रकार आगे बढ़ते हुए सारथीपुत्र कर्ण को रोक सके॥51॥   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  7.173.51 
एतस्यैवं प्रवृद्धस्य सूतपुत्रस्य संयुगे।
निषेद्धा विद्यते नान्यस्त्वामृते भीमविक्रम॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
हे वीर! इस रणभूमि में आपके अतिरिक्त कोई दूसरा योद्धा नहीं है जो इस प्रकार आगे बढ़ते हुए सारथीपुत्र कर्ण को रोक सके॥51॥
 
O fierce warrior! Apart from you there is no other warrior in this battlefield who can stop Karna, the son of a charioteer, who is advancing in this manner. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)