Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.173.48: यह कर्ण एक महान धनुर्धर, बुद्धिमान और दृढ़तापूर्वक अपना पराक्रम प्रदर्शित करने वाला है। वह पांडव सेना के श्रेष्ठ क्षत्रिय योद्धाओं का विनाश कर रहा है।   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  7.173.48 
एष कर्णो महेष्वासो मतिमान् दृढविक्रम:।
पाण्डवानामनीकेषु निहन्ति क्षत्रियर्षभान्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
यह कर्ण एक महान धनुर्धर, बुद्धिमान और दृढ़तापूर्वक अपना पराक्रम प्रदर्शित करने वाला है। वह पांडव सेना के श्रेष्ठ क्षत्रिय योद्धाओं का विनाश कर रहा है।
 
This Karna is a great archer, intelligent and firmly demonstrating his prowess. He is destroying the best Kshatriya warriors in the Pandava army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)