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mahabharat 7.173.47: हे हिडिम्बपुत्र! देखो, जैसे चरवाहा गायों को भगाता है, उसी प्रकार कर्ण युद्धभूमि के मुहाने पर खड़ा होकर पाण्डवों की इस विशाल सेना को भगा रहा है।   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  7.173.47 
पश्य कर्णेन हैडिम्बे पाण्डवानामनीकिनी।
काल्यमाना यथा गाव: पालेन रणमूर्धनि॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
हे हिडिम्बपुत्र! देखो, जैसे चरवाहा गायों को भगाता है, उसी प्रकार कर्ण युद्धभूमि के मुहाने पर खड़ा होकर पाण्डवों की इस विशाल सेना को भगा रहा है।
 
Son of Hidimba! Look, just as a shepherd drives away the cows, in the same manner Karna, standing at the mouth of the battle-field, is driving away this huge army of the Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)