Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.173.29: महाराज! युधिष्ठिर के ऐसा कहने पर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा- 'हे प्रभु! आज कुन्तीनन्दन राजा युधिष्ठिर राधापुत्र कर्ण के पराक्रम से भयभीत हो गये हैं। 29॥ | mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमुक्तो महाराज पार्थ: कृष्णमथाब्रवीत्।
भीत: कुन्तीसुतो राजा राधेयस्याद्य विक्रमात्॥ २९॥
अनुवाद
महाराज! युधिष्ठिर के ऐसा कहने पर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा- 'हे प्रभु! आज कुन्तीनन्दन राजा युधिष्ठिर राधापुत्र कर्ण के पराक्रम से भयभीत हो गये हैं। 29॥
Maharaj! On Yudhishthir saying this, Arjun said to Lord Krishna - 'Lord! Today Kuntinandan King Yudhishthir is frightened by the bravery of Radha's son Karna. 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥