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mahabharat 7.173.25: पार्थ! उस महाधनुर्धर कर्ण को देखो; वह इस भीषण अर्धरात्रि में हाथ में धनुष लिये सूर्य के समान चमक रहा है।   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.173.25 
पश्य कर्णं महेष्वासं धनुष्पाणिमवस्थितम्।
निशीथे दारुणे काले तपन्तमिव भास्करम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
पार्थ! उस महाधनुर्धर कर्ण को देखो; वह इस भीषण अर्धरात्रि में हाथ में धनुष लिये सूर्य के समान चमक रहा है।
 
Partha! Look at that great archer Karna; he is standing with his bow in his hand and is shining like the Sun in this dreadful midnight.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)