श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.173.14 
सा पीडॺमाना कर्णेन पञ्चालानां महाचमू:।
सम्प्राद्रवत् सुसंत्रस्ता सिंहेनेवार्दिता मृगी॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कर्ण से पीड़ित होकर पांचालों की विशाल सेना अत्यंत भयभीत हो गई और सिंह से पीड़ित हिरण की भाँति भाग गई।
 
The huge army of Panchalas, tormented by Karna, became extremely frightened and ran away like a deer tormented by a lion.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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