Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.173.12: उधर कर्ण के सारथि ने भी अपने रथ में अन्य घोड़े जोते थे। वे सिंधी घोड़े सवारी के लिए बहुत अच्छे थे। उनका रंग शंख के समान श्वेत था और वे बहुत वेगवान थे॥12॥ | mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उधर कर्ण के सारथि ने भी अपने रथ में अन्य घोड़े जोते थे। वे सिंधी घोड़े सवारी के लिए बहुत अच्छे थे। उनका रंग शंख के समान श्वेत था और वे बहुत वेगवान थे॥12॥
On the other hand, Karna's charioteer also harnessed other horses in his chariot. Those Sindhi horses were very good for riding. Their colour was as white as a conch and they were very fast.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥