Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.173.10-11: युद्ध में धृष्टद्युम्न को पराजित देखकर पांचाल और सोमक ने क्रोध में भरकर महारथी सूतपुत्र कर्ण को मारने के लिए सब प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण किए और युद्ध से निवृत्त होने के लिए मृत्यु को ही एकमात्र समय बनाने का निश्चय किया ॥10-11॥ | mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्ध में धृष्टद्युम्न को पराजित देखकर पांचाल और सोमक ने क्रोध में भरकर महारथी सूतपुत्र कर्ण को मारने के लिए सब प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण किए और युद्ध से निवृत्त होने के लिए मृत्यु को ही एकमात्र समय बनाने का निश्चय किया ॥10-11॥
Seeing Dhrishtadyumna defeated in the battle, Panchala and Somak, full of anger, took all types of weapons to kill the great charioteer Karna, son of Suta, and decided to make death the only time for him to retire from the war. 10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥