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mahabharat 7.173.1: संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात शत्रुवीरों का संहार करने वाले कर्ण ने युद्धस्थल में उपस्थित धृष्टद्युम्न को देखकर उसकी छाती में दस भेदी बाण मारे॥1॥   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.173.1 
संजय उवाच
तत: कर्णो रणे दृष्ट्वा पार्षतं परवीरहा।
आजघानोरसि शरैर्दशभिर्मर्मभेदिभि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात शत्रुवीरों का संहार करने वाले कर्ण ने युद्धस्थल में उपस्थित धृष्टद्युम्न को देखकर उसकी छाती में दस भेदी बाण मारे॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! Thereafter, Karna, the destroyer of enemy warriors, seeing Dhrishtadyumna present in the battlefield, shot ten piercing arrows into his chest. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)