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mahabharat 7.172.9: सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के विख्यात धनुर्धर तथा रथियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य और कर्ण ने पुनः युद्धस्थल में सात्यकि आदि पाण्डव योद्धाओं पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.172.9 
ततस्तौ रथिनां श्रेष्ठौ सर्वलोकधनुर्धरौ।
शैनेयप्रमुखान् पार्थानभिदुद्रुवतू रणे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के विख्यात धनुर्धर तथा रथियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य और कर्ण ने पुनः युद्धस्थल में सात्यकि आदि पाण्डव योद्धाओं पर आक्रमण किया।
 
Dronacharya and Karna, the renowned archers of the entire universe and the best among charioteers, once again attacked the Pandava warriors like Satyaki etc. on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)