Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.172.39: क्रोध में लड़ते हुए विजयी और पराजित योद्धाओं की आवाजें वहाँ अचानक बंद हो जातीं और कभी सन्नाटा छा जाता और कभी पुनः महान कोलाहल मच जाता ॥39॥ | mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नि:शब्दमासीत् सहसा पुन: शब्दो महानभूत्।
क्रुद्धानां युध्यमानानां जीयतां जयतामपि॥ ३९॥
अनुवाद
क्रोध में लड़ते हुए विजयी और पराजित योद्धाओं की आवाजें वहाँ अचानक बंद हो जातीं और कभी सन्नाटा छा जाता और कभी पुनः महान कोलाहल मच जाता ॥39॥
The voices of the victorious and defeated warriors fighting in anger would suddenly stop there and sometimes there would be silence and sometimes there would be a great uproar again. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥