श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.172.34 
संजय उवाच
ततस्तत् पुनरावृत्तं युधिष्ठिरबलं महत्।
ततो द्रोणश्च कर्णश्च परान् ममृदतुर्युधि॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज ! तत्पश्चात युधिष्ठिर की वह विशाल सेना पुनः लौट आई । तत्पश्चात द्रोणाचार्य और कर्ण युद्धस्थल में शत्रुओं का संहार करने लगे ॥34॥
 
Sanjay says – Maharaj! Thereafter that huge army of Yudhishthira returned again. After that Dronacharya and Karna started crushing the enemies in the battlefield. 34॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd