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mahabharat 7.172.29: जब वे अपने सैनिकों से इस प्रकार बातें कर रहे थे, तभी भयंकर कर्म करने वाले पराक्रमी भीमसेन अपनी सेना को वापस लेकर शीघ्रतापूर्वक वहाँ आ पहुँचे।   |   mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.172.29 
तयो: संवदतोरेवं भीमकर्मा महाबल:।
आयाद् वृकोदर: शीघ्रं पुनरावर्त्य वाहिनीम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जब वे अपने सैनिकों से इस प्रकार बातें कर रहे थे, तभी भयंकर कर्म करने वाले पराक्रमी भीमसेन अपनी सेना को वापस लेकर शीघ्रतापूर्वक वहाँ आ पहुँचे।
 
While they were talking to their soldiers in this manner, the mighty Bhimasena, who had performed terrible deeds, returned his army and quickly arrived there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)