श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.172.28 
एतौ हि बलिनौ शूरौ कृतास्त्रौ जितकाशिनौ।
उपेक्षितौ तव बलैर्नाशयेतां निशामिमाम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
‘ये दोनों – द्रोण और कर्ण – बलवान, पराक्रमी, शस्त्रधारी और विजयश्री से विभूषित हैं। यदि इनकी उपेक्षा की गई, तो ये आज ही रात में तुम्हारी समस्त सेना का विनाश कर देंगे।’ 28॥
 
‘These two – Drona and Karna are strong, valiant, armed and adorned with Vijayashree. If they are ignored, they will destroy your entire army this very night. 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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