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mahabharat 7.172.24: हे कुन्तीपुत्र! द्रोणाचार्य और कर्ण, इन दोनों महाधनुर्धरवीरों ने मिलकर धृष्टद्युम्न, सात्यकि और पांचालों को अपने बाणों से अत्यन्त घायल कर दिया है॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.172.24 
द्रोणकर्णौ महेष्वासावेतौ पार्षतसात्यकी।
पञ्चालांश्चैव सहितौ जघ्नतु: सायकैर्भृशम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्र! द्रोणाचार्य और कर्ण, इन दोनों महाधनुर्धरवीरों ने मिलकर धृष्टद्युम्न, सात्यकि और पांचालों को अपने बाणों से अत्यन्त घायल कर दिया है॥ 24॥
 
O son of Kunti! Dronacharya and Karna, these two great archers together have severely injured Dhrishtadyumna, Satyaki and the Panchalas with their arrows.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)