Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.172.16-17: कुछ लोग अपने बेटों को, कुछ अपने पिता को, कुछ अपने भाइयों को, कुछ अपने मामा-भांजों, मित्रों, रिश्तेदारों और यारों को छोड़कर तुरंत जान बचाने के लिए भाग गए। | mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुत्रानन्ये पितॄनन्ये भ्रातॄनन्ये च मातुलान्॥ १६॥
भागिनेयान् वयस्यांश्च तथा सम्बन्धिबान्धवान्।
उत्सृज्योत्सृज्य गच्छन्ति त्वरिता जीवितेप्सव:॥ १७॥
अनुवाद
कुछ लोग अपने बेटों को, कुछ अपने पिता को, कुछ अपने भाइयों को, कुछ अपने मामा-भांजों, मित्रों, रिश्तेदारों और यारों को छोड़कर तुरंत जान बचाने के लिए भाग गए।
Some left their sons, some their fathers, some their brothers, some their maternal uncles, nephews, friends, relatives and friends and immediately ran away to save their lives.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥