श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.172.15-16h 
द्रोणेन वध्यमानानां पञ्चालानां विशाम्पते॥ १५॥
शुश्रुवे तुमुल: शब्द: क्रोशतामितरेतरम्।
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! द्रोणाचार्य से पराजित होकर पांचाल आपस में चीखने-चिल्लाने लगे।
 
Prajanath! After being beaten by Dronacharya, the Panchalas started screaming and crying amongst themselves. 15 1/2
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas