Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.172.14-15h: हे प्रजा की रक्षा करने वाले राजा! जैसे सूर्य अपनी किरणों से चारों ओर के अंधकार को दूर कर देता है, उसी प्रकार द्रोणाचार्य वहाँ क्षत्रियों के प्राण लेने लगे। | mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रजा की रक्षा करने वाले राजा! जैसे सूर्य अपनी किरणों से चारों ओर के अंधकार को दूर कर देता है, उसी प्रकार द्रोणाचार्य वहाँ क्षत्रियों के प्राण लेने लगे।
O King who protects his subjects! Just as the Sun dispels the darkness around with its rays, in the same way Dronacharya began taking the lives of the Kshatriyas there. 14 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥