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mahabharat 7.172.12-13h: फिर कर्ण ने दस बाण छोड़े, आपके पुत्र ने सात, वृषसेन ने दस और शकुनि ने भी सात बाण छोड़े। कुरुराज! युद्ध में ये वीर शिनि के पौत्र सत्यकिपर पर सब ओर से बाणों की वर्षा करने लगे। 12 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  7.172.12-13h 
कर्णश्च दशभिर्बाणै: पुत्रश्च तव सप्तभि:।
दशभिर्वृषसेनश्च सौबलश्चापि सप्तभि:॥ १२॥
एते कौरव संक्रन्दे शैनेयं पर्यवाकिरन्।
 
 
अनुवाद
फिर कर्ण ने दस बाण छोड़े, आपके पुत्र ने सात, वृषसेन ने दस और शकुनि ने भी सात बाण छोड़े। कुरुराज! युद्ध में ये वीर शिनि के पौत्र सत्यकिपर पर सब ओर से बाणों की वर्षा करने लगे। 12 1/2॥
 
Then Karna shot ten arrows, your son shot seven, Vrishasena shot ten and Shakunni also shot seven arrows. Kururaj! In the battle, these heroes started raining arrows from all sides on Shini's grandson Satyakipar. 12 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)