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mahabharat 7.172.1: संजय कहते हैं - हे प्रजानाथ! उन महामनस्वी योद्धाओं द्वारा आक्रमण करके अपनी सेना को भागते देख आपका पुत्र दुर्योधन अत्यन्त क्रोधित हो गया ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 7.172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 172: दुर्योधनके उपालम्भसे द्रोणाचार्य और कर्णका घोर युद्ध, पाण्डव-सेनाका पलायन, भीमसेनका सेनाको लौटाकर लाना और अर्जुनसहित भीमसेनका कौरवोंपर आक्रमण करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.172.1 
संजय उवाच
विद्रुतं स्वबलं दृष्ट्वा वध्यमानं महात्मभि:।
क्रोधेन महताऽऽविष्ट: पुत्रस्तव विशाम्पते॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे प्रजानाथ! उन महामनस्वी योद्धाओं द्वारा आक्रमण करके अपनी सेना को भागते देख आपका पुत्र दुर्योधन अत्यन्त क्रोधित हो गया ॥1॥
 
Sanjaya says - O Prajanath! Seeing his army fleeing after being attacked by those great-minded warriors, your son Duryodhan became very angry. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)