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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.171.6 
तत्र वीरो महेष्वास: सात्यकिर्युद्धदुर्मद:।
निचकर्त शिरांस्युग्रै: शरै: संनतपर्वभि:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ महान धनुर्धर और युद्धप्रिय वीर सात्यकि ने अपने मुड़े हुए भयंकर बाणों से अनेक शत्रु योद्धाओं के सिर काट डाले।
 
There, the great archer and warlike hero Satyaki cut off the heads of many enemy warriors with his fierce arrows having bent ends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)