श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  7.171.52-53h 
अथ दध्मुर्महाशङ्खान् धृष्टद्युम्नशिखण्डिनौ॥ ५२॥
यमौ च युयुधानश्च पाण्डवश्च वृकोदर:।
 
 
अनुवाद
इसके बाद धृष्टद्युम्न, शिखंडी, नकुल, सहदेव, सात्यकि और पांडु पुत्र भीमसेन ने भी अपना विशाल शंख बजाया। 52 1/2॥
 
Thereafter Dhrishtadyumna, Shikhandi, Nakul, Sahadeva, Satyaki and Pandu's son Bhimasena also blew their great conch. 52 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)