Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.171.5: तदनन्तर शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले शिनि के पौत्र महाबाहु सात्यकि ने उन्हें आक्रमण करते देख तुरन्त ही उन पर अनेक बाणों से प्रहार करके उनका स्वागत किया। | mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले शिनि के पौत्र महाबाहु सात्यकि ने उन्हें आक्रमण करते देख तुरन्त ही उन पर अनेक बाणों से प्रहार करके उनका स्वागत किया।
Then the mighty-armed Satyaki, the grandson of Shini, the slayer of enemy warriors, seeing them attacking him, immediately welcomed them by striking them with many arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥