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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  7.171.49-50h 
वध्यमाने बले तस्मिंस्तव पुत्रस्य मारिष॥ ४९॥
प्रावर्तत नदी घोरा शोणितौघतरङ्गिणी।
 
 
अनुवाद
माननीय राजा! जब आपके पुत्र की सेना का इस प्रकार संहार हो रहा था, तब वहाँ रक्त की भयंकर नदी बहने लगी।
 
Honorable King! When your son's army was being slaughtered in this manner, a terrible river of blood started flowing there. 49 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)