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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  7.171.43-44h 
उत्सृज्य वाहान् समरे चोदयन्तस्तथा परे॥ ४३॥
सम्भ्रान्ता: पर्यधावन्त तस्मिंस्तमसि दारुणे।
 
 
अनुवाद
कुछ लोग अपने वाहन युद्धभूमि में ही छोड़कर भाग गए, अन्य लोग उन्हें तीव्र गति से भगा ले गए, और अनेक सैनिक भ्रमित होकर उस भयंकर अंधकार में इधर-उधर भटकते रहे।
 
Some people left their vehicles in the battlefield and ran away. Others drove them away at a great speed and many soldiers were confused and kept wandering around in that terrible darkness. 43 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)