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mahabharat 7.171.41-42h: हे प्रजा की रक्षा करने वाले राजा! जैसे वायु बादलों को सब ओर उड़ा ले जाती है, उसी प्रकार अर्जुन ने आपकी सेनाओं को तितर-बितर कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  7.171.41-42h 
अनिलेन यथाभ्राणि विच्छिन्नानि समन्तत:॥ ४१॥
विच्छिन्नानि तथा राजन् बलान्यासन् विशाम्पते।
 
 
अनुवाद
हे प्रजा की रक्षा करने वाले राजा! जैसे वायु बादलों को सब ओर उड़ा ले जाती है, उसी प्रकार अर्जुन ने आपकी सेनाओं को तितर-बितर कर दिया।
 
O King who protects his subjects! Just as the wind blows the clouds in all directions, in the same way Arjuna scattered your armies. 41 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)