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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय
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श्लोक 4
श्लोक
7.171.4
तेऽभ्यवर्षञ्छरैस्तीक्ष्णै: सात्यकिं सत्यविक्रमम्।
त्वरमाणा महावीरा माधवस्य वधैषिण:॥ ४॥
अनुवाद
इतना ही नहीं, मधुवंशी सात्यकि को मारने के लिए आतुर वे महावीर सैनिक उस वीर सात्यकि पर तीखे बाणों की वर्षा करने लगे॥4॥
Not only this, those Mahavir soldiers, eager to kill Satyaki of Madhuvanshi, started showering sharp arrows on that valiant Satyaki. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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