Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.171.36-37h: इस प्रकार घायल होकर उल्लू ने भगवान कृष्ण पर आक्रमण कर दिया और जोर से दहाड़ने लगा, मानो उसकी गर्जना पृथ्वी पर गूंज रही हो।   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 36-37h
 
 
श्लोक  7.171.36-37h 
उलूकस्तु तथा विद्धो वासुदेवमताडयत्॥ ३६॥
ननाद च महानादं पूरयन्निव मेदिनीम्।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार घायल होकर उल्लू ने भगवान कृष्ण पर आक्रमण कर दिया और जोर से दहाड़ने लगा, मानो उसकी गर्जना पृथ्वी पर गूंज रही हो।
 
Being thus wounded, the owl attacked Lord Krishna and roared loudly, as if echoing across the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)