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mahabharat 7.171.3: इस प्रकार सात्यकि को चारों ओर से घेरकर महारथी योद्धा गर्जना करने लगे और उसे डाँटने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.171.3 
अथैनं कोष्ठकीकृत्य सर्वतस्ते महारथा:।
सिंहनादांस्ततश्चक्रुस्तर्जयन्ति स्म सात्यकिम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सात्यकि को चारों ओर से घेरकर महारथी योद्धा गर्जना करने लगे और उसे डाँटने लगे।
 
Having thus cornered Satyaki from all sides, the mighty warriors began to roar and rebuke him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)