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mahabharat 7.171.27-28h: यद्यपि अर्जुन कौरव सेना का महान संहार करते-करते थक गये थे, फिर भी उन्होंने हजारों रथों, हाथियों और घुड़सवारों वाली उस सेना को आगे बढ़ने से रोक दिया। 27 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.171.27-28h 
तान्यर्जुन: सहस्राणि रथवारणवाजिनाम्॥ २७॥
प्रत्यवारयदायस्त: प्रकुर्वन् विपुलं क्षयम्।
 
 
अनुवाद
यद्यपि अर्जुन कौरव सेना का महान संहार करते-करते थक गये थे, फिर भी उन्होंने हजारों रथों, हाथियों और घुड़सवारों वाली उस सेना को आगे बढ़ने से रोक दिया। 27 1/2
 
Even though Arjuna was tired of causing great destruction to the Kaurava army, he still stopped that army of thousands of chariots, elephants and horsemen from advancing further. 27 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)