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mahabharat 7.171.23: तब सम्पूर्ण जगत् का स्वामी महारथी दुर्योधन धनुष और रथ से वंचित होकर तुरन्त ही कृतवर्मा के भव्य रथ पर आरूढ़ हो गया॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.171.23 
विरथो विधनुष्कश्च सर्वलोकेश्वर: प्रभु:।
आरुरोह रथं तूर्णं भास्वरं कृतवर्मण:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तब सम्पूर्ण जगत् का स्वामी महारथी दुर्योधन धनुष और रथ से वंचित होकर तुरन्त ही कृतवर्मा के भव्य रथ पर आरूढ़ हो गया॥ 23॥
 
Then the mighty warrior Duryodhana, lord of the entire universe, being deprived of his bow and chariot, immediately mounted the magnificent chariot of Kritavarma.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)