vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय
»
श्लोक 21
श्लोक
7.171.21
शरान् पञ्चाशतस्तांस्तु शैनेय: कृतहस्तवत्।
चिच्छेद समरे राजन् प्रेषितांस्तनयेन ते॥ २१॥
अनुवाद
हे राजन! किन्तु सात्यकि ने एक कुशल योद्धा की भाँति युद्धभूमि में आपके पुत्र के छोड़े हुए पचासों बाणों को काट डाला।
O King! But Satyaki, like an expert warrior, cut down all the fifty arrows shot by your son in the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×