श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.171.2 
ते रथै: कल्पितै राजन् हेमरूप्यविभूषितै:।
सादिभिश्च गजैश्चैव परिवव्रु: समन्तत:॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों! उसने सोने-चाँदी से सुसज्जित रथों, घुड़सवारों और हाथियों द्वारा सात्यकि को चारों ओर से घेर लिया।
 
O lord of men! He surrounded Satyaki from all sides with chariots decorated with gold and silver, horsemen and elephants. 2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)