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mahabharat 7.171.14: तत्पश्चात् बलवान धनुर्धर, श्रम को जीतने वाला, शीघ्रता से हाथ बढ़ाने वाला और विचित्र योद्धा दुर्योधन क्रोध में आकर सत्य के रक्षक पर टूट पड़ा॥14॥   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.171.14 
ततो दुर्योधन: क्रुद्धो दृढधन्वा जितक्लम:।
शीघ्रहस्तश्चित्रयोधी युयुधानमुपाद्रवत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् बलवान धनुर्धर, श्रम को जीतने वाला, शीघ्रता से हाथ बढ़ाने वाला और विचित्र योद्धा दुर्योधन क्रोध में आकर सत्य के रक्षक पर टूट पड़ा॥14॥
 
Thereafter, Duryodhana, the strong archer, conqueror of labour, quick-handed and a strange warrior, attacked the guardian of truth in anger. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)