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mahabharat 7.171.10: उस महान कोलाहल से भरी हुई युद्धभूमि और रात्रि अत्यंत भयंकर और भयानक प्रतीत हो रही थी।   |   mahabharat अध्याय 7.171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.171.10 
तेन शब्देन महता पूरिताभूद् वसुन्धरा।
रात्रि: समभवच्चैव तीव्ररूपा भयावहा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उस महान कोलाहल से भरी हुई युद्धभूमि और रात्रि अत्यंत भयंकर और भयानक प्रतीत हो रही थी।
 
Filled with that great uproar, the battlefield and the night appeared extremely fierce and dreadful. 10.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)