श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 171: सात्यकिसे दुर्योधनकी, अर्जुनसे शकुनि और उलूककी तथा धृष्टद्युम्नसे कौरव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.171.1 
संजय उवाच
ततस्ते प्राद्रवन् सर्वे त्वरिता युद्धदुर्मदा:।
अमृष्यमाणा: संरब्धा युयुधानरथं प्रति॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात् वे सभी युद्ध से थके हुए योद्धा क्रोध और आवेश में भरकर बड़ी शीघ्रता से युधान्य के रथ की ओर दौड़े॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! After that, all those battle-weary warriors ran towards Yuudhan's chariot with great haste, filled with anger and rage. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)