Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.170.9: महाराज! तत्पश्चात् क्रोध में भरे हुए महाबली धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य को नष्ट करने की इच्छा से दूसरा श्रेष्ठ धनुष हाथ में लिया॥9॥   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.170.9 
तत: क्रुद्धो महाराज धृष्टद्युम्न: प्रतापवान्।
आददेऽन्यद् धनु:श्रेष्ठं द्रोणस्यान्तचिकीर्षया॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् क्रोध में भरे हुए महाबली धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य को नष्ट करने की इच्छा से दूसरा श्रेष्ठ धनुष हाथ में लिया॥9॥
 
Maharaj! Thereafter, the mighty Dhrishtadyumna, filled with anger, took up the second best bow in his hand with the desire to destroy Dronacharya. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)