Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.170.67: वह आपके पुत्रों को प्रसन्न करने के लिए पाण्डवों को जलाकर भस्म कर देना चाहता था। तब आपके योद्धाओं और शत्रुओं के बीच भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया।   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  7.170.67 
प्रियार्थं तव पुत्राणां दिधक्षु: पाण्डुनन्दनान्।
तत: प्रववृते युद्धं तावकानां परै: सह॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
वह आपके पुत्रों को प्रसन्न करने के लिए पाण्डवों को जलाकर भस्म कर देना चाहता था। तब आपके योद्धाओं और शत्रुओं के बीच भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया।
 
He wanted to burn the Pandavas to ashes to please your sons. Then a fierce battle began between your warriors and the enemies. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)