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mahabharat 7.170.62: मामा, आप तुरंत दस हजार हाथियों और उतने ही रथों के साथ अर्जुन का सामना करने के लिए जाइये जो युद्ध से पीछे न हटें।   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.170.62 
वृत: सहस्रैर्दशभिर्गजानामनिवर्तिनाम्।
रथैश्च दशसाहस्रैस्तूर्णं याहि धनंजयम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
मामा, आप तुरंत दस हजार हाथियों और उतने ही रथों के साथ अर्जुन का सामना करने के लिए जाइये जो युद्ध से पीछे न हटें।
 
Uncle, you should immediately go to face Arjuna with ten thousand elephants and the same number of chariots that will not retreat from the battle. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)