Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.170.5: जैसे वायु के वेग से व्याकुल और जलचरों से भरे हुए दो भयंकर समुद्र आपस में मिल जाते हैं, उसी प्रकार उस रात्रि में वे दोनों समुद्ररूपी सेनाएँ आपस में भिड़ गईं॥5॥ | mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे वायु के वेग से व्याकुल और जलचरों से भरे हुए दो भयंकर समुद्र आपस में मिल जाते हैं, उसी प्रकार उस रात्रि में वे दोनों समुद्ररूपी सेनाएँ आपस में भिड़ गईं॥5॥
Just as two fierce oceans, agitated by the force of the wind and filled with aquatic animals, meet each other, similarly during that night those two ocean-like armies clashed with each other. ॥5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥