Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.170.40: तब महारथी वृषसेन को मारा गया समझकर कर्ण अपने पुत्र के शोक से दुःखी हो गया और सात्यकि को कष्ट देने लगा ॥40॥ | mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब महारथी वृषसेन को मारा गया समझकर कर्ण अपने पुत्र के शोक से दुःखी हो गया और सात्यकि को कष्ट देने लगा ॥40॥
Then Karna, believing that the great charioteer Vrishasena had been killed, became saddened by the grief of his son and started tormenting Satyaki. 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥