Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.170.4: धृष्टद्युम्न को अपने रक्षकों से घिरा हुआ देखकर आपके पुत्र भी सतर्क हो गए और युद्धस्थल में सब ओर से महागुरु द्रोण की रक्षा करने लगे॥4॥ | mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा परिवृतं दृष्ट्वा द्रोणमाचार्यसत्तमम्।
पुत्रास्ते सर्वतो यत्ता ररक्षुर्द्रोणमाहवे॥ ४॥
अनुवाद
धृष्टद्युम्न को अपने रक्षकों से घिरा हुआ देखकर आपके पुत्र भी सतर्क हो गए और युद्धस्थल में सब ओर से महागुरु द्रोण की रक्षा करने लगे॥4॥
Seeing Dhrishtadyumna surrounded by his guards, your sons too became alert and began protecting Drona, the great teacher, from all sides on the battlefield. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥