Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.170.34: महाराज! महाबली सारथिपुत्र कर्ण भी अपने धनुष की टंकार से मानो पृथ्वी को कंपाता हुआ सात्यकि के साथ युद्ध करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.170.34 
कम्पयन्निव घोषेण धनुषो वसुधां बली।
सूतपुत्रो महाराज सात्यकिं प्रत्ययोधयत्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! महाबली सारथिपुत्र कर्ण भी अपने धनुष की टंकार से मानो पृथ्वी को कंपाता हुआ सात्यकि के साथ युद्ध करने लगा।
 
Maharaj! The powerful charioteer's son Karna also started fighting with Satyaki, as if shaking the earth with the sound of his bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)