Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.170.33: क्षत्रियराज सात्यकि ने अपने रथ की गड़गड़ाहट से क्षत्रियों को भयभीत करके कमलनेत्र कर्ण को बुरी तरह घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.170.33 
त्रासयन् रथघोषेण क्षत्रियान् क्षत्रियर्षभ:।
राजीवलोचनं कर्णं सात्यकि: प्रत्यविध्यत॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
क्षत्रियराज सात्यकि ने अपने रथ की गड़गड़ाहट से क्षत्रियों को भयभीत करके कमलनेत्र कर्ण को बुरी तरह घायल कर दिया।
 
Frightening the Kshatriyas with the rumbling of his chariot, the chief of the Kshatriyas, Satyaki, severely injured the lotus-eyed Karna. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)