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mahabharat 7.170.32: राजन! उस समय बलवान सात्यकि और महाबुद्धिमान कर्ण का युद्ध राजा बलि और इन्द्र के युद्ध के समान प्रतीत हो रहा था॥32॥   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.170.32 
स सात्यकेस्तु बलिन: कर्णस्य च महात्मन:।
आसीत् समागमो राजन् बलिवासवयोरिव॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय बलवान सात्यकि और महाबुद्धिमान कर्ण का युद्ध राजा बलि और इन्द्र के युद्ध के समान प्रतीत हो रहा था॥32॥
 
Rajan! At that time, the battle between the strong Satyaki and the great-minded Karna seemed like the battle between King Bali and Indra. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)