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mahabharat 7.170.28: आपकी सेना के इन छः प्रमुख योद्धाओं के सामने जो धृष्टद्युम्न खड़ा था, उसे हमने मृत्यु के कगार पर पड़ा हुआ समझा॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.170.28 
षण्णां योधप्रवीराणां तावकानां पुरस्कृतम्।
मृत्योरास्यमनुप्राप्तं धृष्टद्युम्नममंस्महि॥ २८॥
 
 
अनुवाद
आपकी सेना के इन छः प्रमुख योद्धाओं के सामने जो धृष्टद्युम्न खड़ा था, उसे हमने मृत्यु के कगार पर पड़ा हुआ समझा॥ 28॥
 
We considered Dhrishtadyumna, who was standing before these six prominent warriors of your army, as though he was lying on the brink of death.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)