Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.170.24: तत्पश्चात् पराक्रमी धृष्टद्युम्न ने पुनः उन समस्त योद्धाओं को अत्यन्त तीक्ष्ण बाणों से घायल कर दिया और विचित्र युद्ध करने वाले राधापुत्र कर्ण के धनुष को बाणों से काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.170.24 
तान् स विद्‍ध्वा पुनर्योधान् वीर: सुनिशितै: शरै:।
राधेयस्याच्छिनद् भल्लै: कार्मुकं चित्रयोधिन:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पराक्रमी धृष्टद्युम्न ने पुनः उन समस्त योद्धाओं को अत्यन्त तीक्ष्ण बाणों से घायल कर दिया और विचित्र युद्ध करने वाले राधापुत्र कर्ण के धनुष को बाणों से काट डाला।
 
Thereafter, the valiant Dhrishtadyumna again wounded all those warriors with very sharp arrows, and having cut the bow of Karna, son of Radha, who was fighting a strange battle, with arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)