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mahabharat 7.170.20: राजन! उस समय द्रुम्सेन ने अत्यन्त क्रोधित होकर धृष्टद्युम्न को एक बाण से घायल कर दिया। फिर तुरन्त ही तीन अन्य बाणों से उसे घायल कर दिया और कहा - 'अरे! खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ।'   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.170.20 
द्रुमसेनस्तु संक्रुद्धो राजन् विव्याध पत्रिणा।
त्रिभिश्चान्यै: शरैस्तूर्णं तिष्ठ तिष्ठेति चाब्रवीत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय द्रुम्सेन ने अत्यन्त क्रोधित होकर धृष्टद्युम्न को एक बाण से घायल कर दिया। फिर तुरन्त ही तीन अन्य बाणों से उसे घायल कर दिया और कहा - 'अरे! खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ।'
 
King! At that time Drumsena became very angry and pierced Dhrishtadyumna with an arrow. Then immediately he injured him with three other arrows and said - 'Hey! Stand, stand'.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)